असली कारण जो हम नहीं करना चाहते उसके लिए हमेशा न्याययुक्त कारण खोज ही लेते हैं और बेफिक्र हो जाते हैं। 💗💗💗💗💗💗💗💗💗💗💗💗💗💗💗💗
मेरे
प्रिय मित्रों मुझे बताईये, ऐसी कौन सी परिस्थिति है, जिसमें इंसान शांत
ना हो सके। ऐसे कौन से मुश्किल हालात हैं, जिसमे इंसान लड़ ना सके। जिंदगी
को मुकम्मल करने के लिए बहानों को छोड़कर हर तकलीफ में, हर दुख में खुशियों
की खोज कर लेना, क्योंकि यही से तुम्हारे जिंदगी की नयी शुरुआत होगी। रोते
मत बैठे रहना। रोने से भी समस्या का हल नही निकलेगा।
"हारने के बाद भी खड़ा होना चाहिए, इंसान का संघर्ष इतना बड़ा होना चाहिए।"
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एक कहानी से आपकी समझ मे आयेगा मैं क्या कहना चाह रही हूँ।
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एक
वजीर था राजा के दरबार मे किसी गलती की वजह से राजा ने वजीर को फांसी की
सज़ा सुना दी। दो दिन बाद वो दिन भी आया जब शाम को छह बजे वजीर को फांसी
लगने वाली थी। राजा के सिपाही वजीर के घर गए। सुबह का समय था वजीर ने अपने
घर भजन और सत्संग का आयोजन किया था। एक वीणा वादक को बुलाया था संगीत के
लिए। जैसे ही सिपाहियों ने आवाज़ लगाई की वजीर अब तुम तयारी करो। ये सुनते
ही वीणा वादक के हाथ से वीणा छूट गयी, पत्नी रोने लगी, बच्चे रोने लगे
मित्र संघी साथी अफसोस करने लगे, दुखी हो गए। वजीर हसने लगा। उसने कहा दुख
किस बात का राजा को धन्यवाद देना चाहता हूँ की शाम तक का वक़्त दिया। इतना
समय दिया की अपनी जिंदगी मे उत्सव मना सकू। रोते क्यों हो, सत्संग शुरू
करो। समय बिता जाता है अब और देर ना करो। सत्संग शुरू हुआ।
समय
बितने लगा। सब लोग सत्संग मे इतने घुल गए समय का ध्यान भी ना रहा। वजीर ने
जैसे इतने ही समय मे सब कुछ पा लिया हो। शाम होने को आती थी, राजा के
सिपाही राजा के पास गए और उन्हें सब बताया। राजा खुद देखने के लिए आया की
कही वजीर पागल तो नही हो गया है। राजा सत्संग मे पहुँचा। वजीर को देखकर
पूछा की तुम पागल तो नही हो गए। तुम्हे फांसी लगने वाली है, मौत आती ही
होगी और तुम यहा नाच गाना कर रहे हो। वजीर हँसा, राजा से कहा आपका बहुत
बहुत धन्यवाद। आपने मुझे जीने का मौका दिया, सुबह भी फांसी हो सकती थी ,
मौत तो सुबह ही आ जाती पर नही आई। शाम तक जिंदगी को जी पाया मैं। आपका
धन्यवाद। राजा ने कहा ऐसे सीधे साधे इंसान को कोई कैसे फांसी दे सकता है।
सज़ा खत्म कर दी जाए। तुमने सिखा दिया परिस्थिति कैसी भी हो हमारा नजरिया
सही होना चाहिए तो सारी चीज़े अपने आप सही हो जाती हैं।
जीवन
मे क्या परेशानी है क्या चुनौतियाँ हैं, यह इस बात पर निर्भर नही करता की
परिस्थिति क्या है, यह इस बात पर निर्भर करता है की परिस्थिति को देखने का
आपका नजरिया क्या है।अगर आपका नजरिया सही है, सकारात्मक है तो मुझे नही
लगता की कोई भी परिस्थिति आपको दुख पहुँचा सकती है। आप अपने नजरिये से ही
जीवन के दृष्टिकोण को बदल सकते हैं। अब इसमे अगर आप ही अपने आप को रोकना
चाहते हैं तो बात अलग है, तब फिर यदि आपकी जिंदगी मे कुछ सही भी होगा आप उसमे से कुछ ना कुछ गलत सोच ही लेंगे और उसी का अफसोस करेंगे।थोड़ा
ध्यान दें अपने दृष्टिकोण पर। कितने बार आपने यह अनुभव किया होगा की बहुत
बार आप परिस्थितियों को जीत सकते थे, सब कुछ आप के हाथ मे था पर आपकी एक
नकारात्मक सोच ने आपके अपने ही दृष्टिकोण ने आपका बना हुआ काम बिगाड़ दिया
हो और कई बार आपके सकरात्मक सोच ने आपके बिगड़ते काम को भी बना दिया हो।
14 टिप्पणियां:
Shai bat hai... Life mein situation koi bhi ho.. Hame.hamesa aage badhte rhna chahiye.. Thanks to motivate me..
Wonderful
Very true
Aise hi hame motivate kerte rhiye.please post your next story as soon as possible.
Yes
Awesome
I'am egarly waiting for your next post.ap bahut achi motivational stories post kerti hai.
Excellent
Nice
Excellent
Amazing
Excellent
Great story
बहुत ही बढ़िया 👏👏👏
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