शुक्रवार, 26 मार्च 2021

फूल यूं ही नहीं खिल जाते साहब, बीज को दफन होना पड़ता है। #zindagi#zindagimotivation#zindaginamiledobara

 नेगेटिव बातें आप को अंदर ही अंदर बर्बाद कर देती हैं और आपको अपने सपनो से दूर ले जाती है। अगर अंधो की दुनिया में पहुँच जाना तो अपनी आँख की घोषणा मत करना। वो तुम्हारी आँखे निकाल लेंगे, वो बरदाश्त ना कर सकेंगे की तुम आँख वाले हो। इसलिए कभी नेगेटिव लोगों की संगत मे मत पड़ना।

💙💙💙💙💙💙💙💙💙💙💙💙💙💙💙💙💙

एक गांव में एक बुढीया रहती थी, गांव छोटा था सीधे साधे लोग थे वहाँ के, बुढ़िया चालाक थी धनवान थी। वो लोगों की जमीन पर ब्याज मे लोगों को पैसे देती थी। उस बुढ़िया का एक नौकर था, वो इस बुढ़िया के लोगो के प्रति ऐसे बर्ताव से बहुत दुःखी हो जाता, कभी कभी तो उसके मन मे आता की कोई इस बुढ़िया का गला क्यूँ नही दबा देता, कोई इसे मार क्यूँ नही डालता। फिर वह सोचता की जाने दो मुझे इससे क्या? कौनसा इस बुढ़िया ने मेरे साथ ऐसा किया है। फिर कई वर्ष बीत गए ऐसा ही चलता रहा लोग बुढ़िया के पैसे चुका नही पाते बुढ़िया जमीन हड़प लेती। लोगो को आधे आधे दाम भी ना मिलते उनकी जमीन के।
 
हर बार उस नौकर के मन मे ये बात और घर करती गयी की इस बुढ़िया को कोई मार क्यूँ नही डालता इसका कोई गला क्यू नही दबा देता। जबकि नौकर से इसका कुछ लेना देना ना था। उसके साथ तो बुढ़िया ने कुछ किया भी ना था। पर जो बीज उसने अपने मन मे बोया उस बुढ़िया के हत्या के प्रति वो पेड़ बनने लगा। उस नौकर को इस बात की खबर नही की वो अपने आप से क्या बोल रहा हमेशा।
 
एक दिन नौकर को भी पैसों की जरूरत पड़ी और मजबूरी के चलते उसे भी बुढ़िया से मदत मांगनी पड़ी। हालांकि ये पहली बार था की बुढ़िया से उसने मदत मांगी थी। हमेशा की तरह वो जमीन के कागज ले आया और जैसे ही बुढ़िया अपने तिजोरी के पास गयी ना जाने क्या उसके मन मे आया और पीछे से आकर उसने बुढ़िया का गला दबा दिया। बुढ़िया तड़पती रही पर इसके अवचेतन मन मे ना जाने क्या हुआ इसने बुढ़िया का गला दबाये रखा जब तक की वो मर नही गयी।
 
जैसे ही बुढ़िया मरी इसे जैसे किसी ने झकझोर दिया हो हाथ छूट गए, हाथ पैर ठंडे पड़ गए। उसकी समझ मे नही आया की क्या हो गया। ये मुझसे किसी की हत्या हो गयी, ये कैसे हो गया। पर जो बीज घृणा का अपने मन मे वो पाल रहा था आज वो पेड़ बन गया था, अब उसका पछतावा किसी काम का ना था। उस घृणा के एक छोटे से बीज ने इसे हत्यारा बना दिया।
 💛💛💛💛💛💛💛💛💛💛💛💛💛💛💛💛💛💛💛💛💛💛💛💛💛
 दोस्तो हम भी ना जाने कितनी बातो का ऐसा ही बीज अपने मे डाल देते है जिन बातो का हमसे लेना देना भी नही उसके प्रति भी हम अपने आप को ऐसे ही घृणा से नेगेटिविटी से भर लेते हैं।
याद रहे दोस्तो एक सिर्फ एक बीज नेगेटिविटी का हमे वो बना देता है जो हम हैं ही नही।
 जिन बातों का हमसे कोई लेना देना नही, फिर यही नकारात्मकता का छोटा सा बीज वृक्ष का अवतार लेकर बड़ा हो जाता है और हमे ही कही ना कहीं बर्बाद कर देता है।
 
please like follow and like our page, share and comment.......

10 टिप्‍पणियां:

Sundeep Ahuja ने कहा…

Amazing.

Pankaj Tripathi ने कहा…

आपने बड़े हृदयस्पर्शी एवं मार्मिक तरीके से वास्तविकता का वर्णन किया है। मैं पंकज त्रिपाठी आआपसे सहमत हूँ।

Suman Shukla ने कहा…

Wow anisha keep it up

Unknown ने कहा…

Amazing story

Sandhya Shukla ने कहा…

Bahut hi achi story hai. Mujhe bahut motivation mila apke story se

Mandavi ने कहा…

Excellent motivational
story.

प्रेमा ने कहा…

बहुत सुन्दर

https://anishamotivation.blogspot.com/2021/04/motivationzindagizindaginamilegidobara.html?m=1 ने कहा…

Wonderful content ; dealing with the practical content.

Unknown ने कहा…

Great

Shivshankar Tiwari ने कहा…

पानी को बर्फ में,
बदलने में वक्त लगता है !!
ढले हुए सूरज को,
निकलने में वक्त लगता है !!

थोड़ा धीरज रख,
थोड़ा और जोर लगाता रह !!
किस्मत के जंग लगे दरवाजे को,
खुलने में वक्त लगता है !!

उस वर्षा से कोई लाभ नहीं जो फ़सल जलने के बाद हो। उस पश्चात से कोई फायदा नहीं जो अवसर चूक जाने के कारण हो।

  स्वामी रामतीर्थ ने कहा है..... इस जीवन को खोए हुए अवसरों की कहानी मत बनने दो। जहाँ अवसर दिखे तुरंत छलांग लगाओ. पीछे मुड़ कर मत देखो। अज्ञात...