रविवार, 30 मई 2021

सफलता की राह में पहली जंग कुदरत से होगी।

 जिंदगी में मुसीबतें चाय में जमी हुई मलाई की तरह होती है।

कामयाब आदमी वही है जो मलाई को फूक मार के किनारे कर दे और चाय पी जाये। ऐसे ही चुनौतियों को किनारे करो और आगे बढ़ो। अगर आप ये सोचते हो जिस दिन सारी बत्तियां हरी होंगी उसदिन घर से बाहर निकलूंगा तो कभी नहीं निकलोगे।

चुनौतियां कहा नहीं है दोस्त हर जगह है फिर भी आपको आपने लक्ष्य तक पुछना होगा।
करीब करीब 10 इमारते आग में जल कर राख हो गई एक साथ, और ये आग जिसकी इमारत में लगी उसका नाम कुछ समय बाद इस दुनिया में स्वर्ण अक्षरों में लिखा गया।

10 दिसंबर 1914 को अमेरिका के न्यू जर्सी के वेस्ट ऑरेंज में एक बड़ा विस्फोट हुआ था।  एक कारखाने में 10 इमारतों के मालिक महान आविष्कारक आग की लपटों से घिर गए थे।  छह से आठ दमकल विभाग मौके पर पहुंचे, लेकिन रासायनिक आग पर काबू नहीं पा सके।  अपनी पूरी कोशिश करने के बाद, एडिसन शांति से वहाँ खड़े होकर आग को नष्ट होते देख रहा था, उसकी पूरी ज़िंदगी की मेहनत,कमाई धुंधुं जलकर राख हो रही थी।

उसका 24 साल का बेटा चार्ल्स उसके पास आया और उसके बगल में खड़ा हो गया। एडिसन चार्ल्स का हाथ पकड़ कर मुस्कुराते हुए अपने बेटे से कहा  "चार्ल्स अपनी माँ और दोस्तों को ले आओ " चार्ल्स हैरानी से एडिसन को देखने लगा और बोला माँ और दोस्त क्या करेंगे जब सब जल कर राख होगया। एडिसन ने चार्ल्स से कहा  वे अपने पूरे जीवन में इस तरह की शानदार आग कभी नहीं देख पाएंगे उन्हें भी बुलाकर लाओ और दिखाओ आग कितनी शानदार है।  अपने पिता की प्रतिक्रिया से चकित और चौंक गए, चार्ल्स ने एडिसन से पूछा, हमारी पूरी फैक्ट्री जलकर राख में बदल रही है ।
अब हम क्या करेंगे  
🔥🔥🔥🔥🔥🔥🔥🔥🔥🔥🔥🔥🔥🔥🔥🔥🔥🔥
एडिसन ने पूरे संयम के साथ उत्तर दिया "हां, हमारी फैक्ट्री जलकर राख हो रही है, फैक्ट्री में अब तक हमने जो भी गलतियाँ की हैं, वे भी जलकर राख हो गई हैं। हम कल फिर से शुरू करेंगे।" 

थॉमस की इस प्रतिक्रिया के परिणाम ने थॉमस को दुनिया में अमर कर दिया रास्ते चुनौतियों से भरे थे फिर भी एडिसन ने हार नहीं मानी और कुदरत के द्वारा दी गई हर मुश्किलों और समस्याओं का सामना कर आगे बढ़ता गया गया ।
थॉमस अलावा एडिसन जब ये कहता रहा होगा कांच  से रौशनी पैदा करूँगा, लोगो से बोलता होगा, तो लोग उसपर हँसते रहे होंगे पागल कहते रहे होंग। क्या थॉमस के सामने चुनौतियां नहीं रही होंगी , लोग हॅसते होंगे मजाक उड़ाते होंगे लेकिन वो रुका क्या ???? नहीं ना ! 

1093 पेटेंट है एडिसन के नाम पर। 1093 पेटेंट अपने नाम कर गया जाने से पहले, इसी दुनिया में पैदा हुआ जैसे हम और आप पैदा होते है, जो आप इन्वर्टर की बैटरी लगाते है घर में, (पेटेंटेड बाय एडिसन) जो आपके घर में मीटर लगा है (पेटेंटेड बाय एडिसन)जो ये मेजर करता है बिजली कितना यूनिट चल गई, कितना आसान लगता है हमें, लेकिन आप कल्पना भर करो इसके पीछे कितने साल लगे होंगे कितनी मेहनत एडिसन ने की होगी। कितने अथक प्रयास छिपे होंगे। 

ये कोई छोटी बात नहीं है दोस्त 1093 पेटेंट अपने नाम करके गया कोई पांच सौ साल नहीं जिया होगा औसत जीवन जिया होगा बाकियों की तरह और लोगो ने खूब विरोध किये होंगे ,मजाक बनाया होगा पागल कहा होगा लेकिन एडिसन ने माना क्या ????? 

वो अपने सपनो को हकीकत में बदलने के लिए लगा रहा और एक दिन एडिसन के सपने साकार हो गए। बहुत सी चुनौतियों का सामना करके एडिसन आगे बढ़ा और इतिहास के पन्नो में सदा के लिए अमर हो गया।

please like share and follow our blog for latest stories and motivations ..........



9 टिप्‍पणियां:

Unknown ने कहा…

Such a wonderful motivational story

Shivshankar Tiwari ने कहा…

अद्भुत

Suman Shukla ने कहा…

👏 👏 👏

Unknown ने कहा…

Amazing 😍🙌

Unknown ने कहा…

Great motivation for a day ����

Ankita ने कहा…

👏👏👏👏👏

Pankaj Tripathi ने कहा…

Package of motivation

Nidhi Shukla ने कहा…

Nice

Nidhi Shukla ने कहा…

👏👏👏👏

उस वर्षा से कोई लाभ नहीं जो फ़सल जलने के बाद हो। उस पश्चात से कोई फायदा नहीं जो अवसर चूक जाने के कारण हो।

  स्वामी रामतीर्थ ने कहा है..... इस जीवन को खोए हुए अवसरों की कहानी मत बनने दो। जहाँ अवसर दिखे तुरंत छलांग लगाओ. पीछे मुड़ कर मत देखो। अज्ञात...