जिंदगी में मुसीबतें चाय में जमी हुई मलाई की तरह होती है।
कामयाब आदमी वही है जो मलाई को फूक मार के किनारे कर दे और चाय पी जाये। ऐसे ही चुनौतियों को किनारे करो और आगे बढ़ो। अगर आप ये सोचते हो जिस दिन सारी बत्तियां हरी होंगी उसदिन घर से बाहर निकलूंगा तो कभी नहीं निकलोगे।
चुनौतियां कहा नहीं है दोस्त हर जगह है फिर भी आपको आपने लक्ष्य तक पुछना होगा।
करीब करीब 10 इमारते आग में जल कर राख हो गई एक साथ, और ये आग जिसकी इमारत में लगी उसका नाम कुछ समय बाद इस दुनिया में स्वर्ण अक्षरों में लिखा गया।
10 दिसंबर 1914 को अमेरिका के न्यू जर्सी के वेस्ट ऑरेंज में एक बड़ा विस्फोट हुआ था। एक कारखाने में 10 इमारतों के मालिक महान आविष्कारक आग की लपटों से घिर गए थे। छह से आठ दमकल विभाग मौके पर पहुंचे, लेकिन रासायनिक आग पर काबू नहीं पा सके। अपनी पूरी कोशिश करने के बाद, एडिसन शांति से वहाँ खड़े होकर आग को नष्ट होते देख रहा था, उसकी पूरी ज़िंदगी की मेहनत,कमाई धुंधुं जलकर राख हो रही थी।
उसका 24 साल का बेटा चार्ल्स उसके पास आया और उसके बगल में खड़ा हो गया। एडिसन चार्ल्स का हाथ पकड़ कर मुस्कुराते हुए अपने बेटे से कहा "चार्ल्स अपनी माँ और दोस्तों को ले आओ " चार्ल्स हैरानी से एडिसन को देखने लगा और बोला माँ और दोस्त क्या करेंगे जब सब जल कर राख होगया। एडिसन ने चार्ल्स से कहा वे अपने पूरे जीवन में इस तरह की शानदार आग कभी नहीं देख पाएंगे उन्हें भी बुलाकर लाओ और दिखाओ आग कितनी शानदार है। अपने पिता की प्रतिक्रिया से चकित और चौंक गए, चार्ल्स ने एडिसन से पूछा, हमारी पूरी फैक्ट्री जलकर राख में बदल रही है ।
अब हम क्या करेंगे ।
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एडिसन ने पूरे संयम के साथ उत्तर दिया "हां, हमारी फैक्ट्री जलकर राख हो रही है, फैक्ट्री में अब तक हमने जो भी गलतियाँ की हैं, वे भी जलकर राख हो गई हैं। हम कल फिर से शुरू करेंगे।"
थॉमस की इस प्रतिक्रिया के परिणाम ने थॉमस को दुनिया में अमर कर दिया रास्ते चुनौतियों से भरे थे फिर भी एडिसन ने हार नहीं मानी और कुदरत के द्वारा दी गई हर मुश्किलों और समस्याओं का सामना कर आगे बढ़ता गया गया ।
थॉमस अलावा एडिसन जब ये कहता रहा होगा कांच से रौशनी पैदा करूँगा, लोगो से बोलता होगा, तो लोग उसपर हँसते रहे होंगे पागल कहते रहे होंग। क्या थॉमस के सामने चुनौतियां नहीं रही होंगी , लोग हॅसते होंगे मजाक उड़ाते होंगे लेकिन वो रुका क्या ???? नहीं ना !
1093 पेटेंट है एडिसन के नाम पर। 1093 पेटेंट अपने नाम कर गया जाने से पहले, इसी दुनिया में पैदा हुआ जैसे हम और आप पैदा होते है, जो आप इन्वर्टर की बैटरी लगाते है घर में, (पेटेंटेड बाय एडिसन) जो आपके घर में मीटर लगा है (पेटेंटेड बाय एडिसन)जो ये मेजर करता है बिजली कितना यूनिट चल गई, कितना आसान लगता है हमें, लेकिन आप कल्पना भर करो इसके पीछे कितने साल लगे होंगे कितनी मेहनत एडिसन ने की होगी। कितने अथक प्रयास छिपे होंगे।
ये कोई छोटी बात नहीं है दोस्त 1093 पेटेंट अपने नाम करके गया कोई पांच सौ साल नहीं जिया होगा औसत जीवन जिया होगा बाकियों की तरह और लोगो ने खूब विरोध किये होंगे ,मजाक बनाया होगा पागल कहा होगा लेकिन एडिसन ने माना क्या ?????
वो अपने सपनो को हकीकत में बदलने के लिए लगा रहा और एक दिन एडिसन के सपने साकार हो गए। बहुत सी चुनौतियों का सामना करके एडिसन आगे बढ़ा और इतिहास के पन्नो में सदा के लिए अमर हो गया।
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9 टिप्पणियां:
Such a wonderful motivational story
अद्भुत
👏 👏 👏
Amazing 😍🙌
Great motivation for a day ����
👏👏👏👏👏
Package of motivation
Nice
👏👏👏👏
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