रविवार, 11 जुलाई 2021

मुश्किलों से भाग जाना आसान होता है , हर पहलू जिंदगी का इम्तेहान होता है । डरने वाले को मिलता नहीं कुछ भी ज़िंदगी में, संघर्ष से लड़ने वालों के क़दमों में जहा होता है

 



कभी कभी हम सोचते है कि हमारी जिंदगी में सिर्फ खुशियाँ ही खुशियाँ हो, दुःख तकलीफ और किसी भी चुनौतियों का सामना न करना पड़े। लेकिन हम ये भूल जाते है अगर चुनौतियां जीवन में नहीं होंगी सिर्फ खुशियां ही खुशियां होंगी तो धीरे धीरे खुशी अपना अर्थ खो देगी। और इसकी अधिकता से हम ऊब जायेंगे। हमें खुशी इसलिए राश आती है  क्योंकि जीवन में दुःख आते जाते रहते है। और यही दुःख और चुनौतियां हमें हमारे जीवन में सफल बनाती है । एक कामयाब इंसान बनाती है।

आइये एक छोटी सी कहानी से शुरू करते है।

एक आदमी मर गया पहुंच गया ऊपर उसने भगवन से शिकायत की और कहा भगवान आपको सब पता होता है कि  कौन से माहौल और महीने के अंदर बारिश नहीं करनी। आप क्यों करते हो????आपको नहीं पता होता बरसात नहीं करनी फसल खड़ी है।आपको तो सब पता होता है की अभी धूप नहीं चाहिए क्यों दे रहे हो। आप को सब पता है फिर भी जहाँ बारिश नहीं देनी वहाँ बाढ़ आ जाती है।


 अब कुछ ऐसा करो की  थोड़े दिन के लिए ये बागडोर मुझे सँभालने दो। भगवान ने कहा तू ज़िद मत कर, उसने कहा मुझे कर लेने दो प्रभू और आप देखना कितने आसानी से चलाऊंगा दुनिया। अब उसने जिद ही पकड़ ली भगवान की सुने ही न। भगवान से कहे आपको दुनिया चलाने नहीं आती। आप सब उल्टा करते हो जब ओले नहीं चाहिए तो ओले गिरा देते हो और सब आपके हाथ में है। तो भगवान ने कहा अच्छा ठीक है तू ही कुछ दिन दुनिया की भगडोर सँभाल ले। अब वो खुश था। किसान ने फसल उगाई जब पानी चाहिए था पानी बरसाया जब धूप चाहिए थी तब धुप दी। जितना पानी , जितना तापमान, जितनी ओष चाहिए गेहूं को पकने में उतनी ओष दी। बारिश आयी समय पर उतना ही पानी बरसाया जितनी जरुरत थी। गेहूं काटने का समय आया। उस आदमी ने भगवान से कहा- देखो क्या मस्त खेतों में फसले लहरा रही है। 






कोई दिक्कत नहीं है, मै दुनिया चला रहा हूँ। आप क्या चला रहे थे। भगवान ने कहा ठीक है देखते है। किसान ने फसल काटी और जब फसल काटने के बाद देखा गया तो उसमें एक भी दाना गेंहू का निकला ही नहीं। वो हैरान होगया बोला ये क्या हुआ मैंने तो सब ठीक किया था। फसल भी हुई, फिर गेहूं में दाने क्यों नहीं  हुए??? भगवान ने मुश्कुराते हुये कहा: फसलों को, तेज़ हवाओं से लड़ने का मौका ही कहा दिया तुमने। फसलें को तेज़ बारिश का सामना कहाँ करने दिया तुमने। तूने मौका ही कब दिया की फसलें चुनौतियों का सामना कर सके। और जब मौका ही नहीं दिया तो गेहूँ की फसलों में अंकुर हुआ ही कुछ नही। जीवन में कुछ पाने के लिए , सफल होने के लिए चुनौतियों को स्वीकार करना ही होगा।

जो सफल होना चाहते है,उन्हें संघर्ष करना ही होगा। चुनौती के बिना हासिल की गई सफलता औसत होती है।

एक आखिरी बात जो मैं आपके साथ साझा करना चाहूंगी। जब मुझे ऐसा लगता है कि आगे का सफर बहुत ही कठिन होने वाला है। और इस तरह से जब मैं अपने "माँ" से कहती हूं तो मेरी "माँ" मेरी प्रेणना बनकर मुझसे बड़ी प्यारी बात कहती है।
"मुसाफिर अगर अपनी हिम्मत न हारे, कदम चुम लेगी आकर के मंजिल।"
मेरी माँ की ये बातें मुझे कभी किसी मुसीबत और तकलीफों के आगे घुटने नहीं टेकने देती। उनकी ये बातें मेरा हौसला, मेरी हिम्मत बढाती है।

मुझे याद दिलाती है की मेरे सपने बड़े है तो मेरी चुनौतियां भी बड़ी होंगी। मुझे हिम्मत नहीं हारनी, आगे बढ़ते रहना है । और एक दिन सफलता स्वयं मेरे दरवाज़े पर दस्तक देगी।
दोस्तों  ये बाते मैंने आप से साझा की जिससे आपके हौसलों को नयी उड़ान मिल सके आप भी कभी चुनातियों से हार न माने और आपकी सफलता और कामयाबी आपको मिले।


7 टिप्‍पणियां:

Unknown ने कहा…

Excellent stroy

Unknown ने कहा…

One of the greatest motivation 🤗

Unknown ने कहा…

Very nice

Nidhi Shukla ने कहा…

👏👏👏👏👏👏

Aditya ने कहा…

कहानी के पीछे की भावना, हर किसी को जीवन में चित्रित करनी होती है। जितना अधिक तुम खोजोगे, उतना ही आत्म-ज्ञान बढ़ेगा। शुभकामनाएं 👍🏻

Mandavi ने कहा…

Very nice 👍👍👍

Mandavi ने कहा…

Good motivation,❤️❤️😘😘

उस वर्षा से कोई लाभ नहीं जो फ़सल जलने के बाद हो। उस पश्चात से कोई फायदा नहीं जो अवसर चूक जाने के कारण हो।

  स्वामी रामतीर्थ ने कहा है..... इस जीवन को खोए हुए अवसरों की कहानी मत बनने दो। जहाँ अवसर दिखे तुरंत छलांग लगाओ. पीछे मुड़ कर मत देखो। अज्ञात...